PM Vishwakarma Yojana क्या है?
इसे समझिए इस तरह कि यह योजना उन लोगों के लिए है जो पारंपरिक हस्त-कला, निर्माण, मरम्मत या शिल्प से जुड़े हैं - जिससे उनकी
आजीविका मजबूत हो सके, उनके हुनर का विकास हो, और वे आधुनिक मार्केट में भी टिक सकें।
किन-किन कारीगरों / व्यापारों के
लिए है (Eligible Trades)
इस योजना के अंतर्गत कुल 18 पारंपरिक ट्रेड्स / व्यवसाय को शामिल किया
गया है। यदि आप इन में से किसी ट्रेड से जुड़े हैं, तो आप आवेदन कर
सकते हैं।
इनमें शामिल हैं:
- बढ़ई / कारपेंटर (Suthar / Badhai)
- नाव बनाने वाले (Boat Maker)
- लोहार / ब्लैकस्मिथ (Blacksmith / Lohar)
- हथियार-साज़ / Armourer
- हथियार/ औज़ार बनाने वाले (Hammer
& Tool Kit Maker)
- ताले-चाबी बनाने वाले (Locksmith)
- पत्थर का काम / मूर्तिकार / Stone
Carver / Stone Breaker
- सुनार (Goldsmith / Jeweller)
- कुम्हार / मिट्टी से बर्तन बनाने वाला (Potter)
- मिस्त्री / राजमिस्त्री (Mason)
- बढ़ई / लकड़ी-काम / जली (Carpentry
/ Wood Work)
- जूता बनाने वाले / चर्मकार / फुटवियर आर्टिसन (Cobbler /
Footwear Artisan)
- बास्केट / चटाई / झाड़ू बनाने वाले / कोइर वीनर (Basket /
Mat / Broom Maker / Coir Weaver)
- गहना / गुड़िया / खिलौना बनाने वाले (Traditional
Doll & Toy Maker)
- दर्जी (Tailor / Darzi)
- नाई (Barber / Nai)
- मालाकार / फूल-माला बनाने वाले (Garland
Maker)
- धोबी / कपड़े धोने वाले (Washerman
/ Dhobi)
- मछली जाल बनाने वाले (Fishing Net Maker)
यदि आपका काम किसी पारंपरिक हस्त-उद्योग या कारीगरी से है और आप स्व-रोज़गार (self-employment)
पर हैं, तो यह योजना
आपके लिए है।
PM Vishwakarma Yojana – लाभ (Benefits)
यह योजना कई प्रकार की सहायताएँ और सुविधाएँ देती है, जो पारंपरिक कारीगरों की आजीविका, उत्पादन क्षमता
और बाज़ार तक पहुँच में सुधार लाता है। प्रमुख लाभ निम्न हैं:
- कौशल विकास / प्रशिक्षण (Skill
Training): Basic ट्रेनिंग (5–7 दिन) और Advanced ट्रेनिंग (लगभग 15 दिन या उससे अधिक). प्रशिक्षण अवधि के दौरान रोज़ाना ₹500 का वजीफा (stipend) मिलेगा।
- टूलकिट प्रोत्साहन (Toolkit
Incentive): शुरुआत में आधुनिक उपकरण
खरीदने हेतु लगभग ₹15,000 मूल्य का ई-वाउचर (e-voucher)
दिया जाता है। इससे कारीगर अपने काम को बेहतर तरीके से
कर सकते हैं।
- ऋण सुविधा (Collateral-free Loan): पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे चरण में ₹2 लाख तक ऋण (कुल ₹3 लाख) दिया जाता है। ब्याज दर सिर्फ 5% है, जो पारंपरिक बाजार दर से बहुत कम है।• पहली किश्त ₹1 लाख की होती है, जिसकी अवधि 18 महीने होती है।• दूसरी किश्त ₹2 लाख की होती है, जिसकी अवधि 30 महीने होती है।
- डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन (Digital
Transactions Incentive): यदि कारीगर अपने व्यवसाय में डिजिटल भुगतान (digital
payments) अपनाते हैं, तो प्रति डिजिटल लेन-देन ₹1 इनाम मिलता है — महीने में अधिकतम 100 लेन-देन तक।
- मार्केटिंग और व्यापार सुविधा (Marketing
& Market Linkage): यदि आप तय ट्रेड में हैं, तो आपको बाज़ार तक पहुँचाने, ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणीकरण (quality certification), ई-कॉमर्स प्लेटफार्म (online market) से जोड़ने, और प्रचार-प्रसार आदि में मदद मिलेगी। इससे आपकी कला /
व्यापार की पहुँच और आय बढ़ सकती है।
- आधिकारिक पहचान (Recognition): योजना के अंतर्गत आपको एक प्रमाण पत्र (certificate)
और आईडी कार्ड (ID card) मिलेगा, जिससे आपके काम को मान्यता मिलेगी, और आप “कारीगर / शिल्पकार” के रूप में पंजीकृत होंगे।
PM Vishwakarma Yojana के लिए पात्रता (Eligibility / Who Can Apply)
योजना में शामिल होने के लिए निम्न शर्तें हैं — यदि आप इन
शर्तों को पूरा करते हैं, तो आवेदन कर सकते हैं:
- आपके पास हाथ और औज़ार (tools) हों और आप किसी पारंपरिक ट्रेड (उपरोक्त 18 में से कोई) में काम करते हों।
- आवेदन करने की तिथि पर आपकी आयु कम-से-कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आप स्व-रोज़गार (self-employment) पर होने चाहिए, यानी किसी बड़े संस्थान में नौकरी नहीं होनी चाहिए।
- यदि परिवार में अन्य सदस्य पहले से किसी समान
क्रेडिट-आधारित योजना (जैसे PMEGP, MUDRA Yojana, PM
SVANidhi) का लाभ ले चुके हों और यदि उन्होंने पिछला क़र्ज़ चुका
भी दिया हो, तो कुछ शर्तें लागू होती हैं; स्मरण रहे कि पूरी तरह चुका ऋण लिया हुआ हो।
- पूरे परिवार (पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे) में केवल
एक ही सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकता है।
- यदि आप या आपके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी हैं — तो योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त नहीं कर सकते।
PM Vishwakarma Yojana कैसेApply करें — आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)
- आवेदन ऑनलाइन या ऑफ़लाइन दोनों तरीकों से संभव है।
- आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों में शामिल हो सकते
हैं: आधार कार्ड, पता प्रमाण (Voter ID /
राशन कार्ड आदि), बैंक खाता विवरण, व्यवसाय / कारीगरी का प्रमाण, यदि आवश्यक हो तो आय याजात प्रमाणपत्र आदि।
- योजना के लिए नामांकन के बाद,-basic या advanced प्रशिक्षण (training) दिया जाएगा, उसके बाद टूलकिट वाउचर, ऋण सुविधा और अन्य सहायता प्रदान की जाएंगी।
- यदि आपने पहली किश्त ऋण ली और प्रशिक्षण पूरा किया — और आपने डिजिटल भुगतान लिया- दिया, तो दूसरी किश्त ऋण (अतिरिक्त ₹2 लाख) मिल सकती है।
🔎 नोट: आवेदन से पहले यह जरूर देखें कि आपकी ट्रेड सूची में है या नहीं, और आप पहले से किसी समान योजना का लाभ तो नहीं ले रहे हैं।
यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है — फायदे और सामाजिक प्रभाव
- भारत में बहुत से पारंपरिक कारीगर, शिल्पकार और छोटे कारीगर परिवार, अक्सर आधुनिक बाज़ार, मशीनरी और संसाधन की कमी की वजह से पिछड़ जाते थे। PM
Vishwakarma Yojana उन्हें आधुनिक संसाधन, वित्तीय सहायता व बाज़ार तक पहुँच देती है — जिससे उनकी आजीविका मजबूत होती है।
- इससे पारंपरिक हस्त-कला व कारीगरी को संरक्षण मिलता है
— जो भारत की सांस्कृतिक विरासत
का हिस्सा है।
- छोटे शिल्पकार व्यवसाय अब डिजिटल लेन-देन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण से आधुनिक बन सकते हैं, जिससे उनकी उत्पादकता व आमदनी बढ़ सकती है।
- इससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और कई परिवारों को स्वरोजगार
(self-employment) के माध्यम से स्थायी आजीविका मिलेगी।
सारांश (Summary)
PM Vishwakarma Yojana — एक बहुत ही उपयोगी और समयानुकूल
सरकारी पहल है — खासकर उन लोगों के लिए जो पारंपरिक कारीगरी, हस्त-कला, शिल्प या हाथ से बनने वाले काम में लगे हुए हैं। यदि आप 18 ट्रेड्स में से किसी में काम करते हैं, स्वरोजगार पर
हैं, और पहले से किसी समान योजना का लाभ नहीं उठा चुके — तो आप बिना देरी के आवेदन कर सकते हैं। इस योजना से आपको प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, क़र्ज, और बाज़ार तक पहुँच — सब मिलेगा, जिससे आपकी आजीविका सशक्त होगी।
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